बिक्री गिरने के बाद भी एपल का कारोबार नोटबंदी की रकम से ज्यादा

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न्यूयार्क। पूरे भारत में नोट बंदी के बाद जितना पैसा जमा हुआ है उतना फायदा तो एपल को कारोबार आठ फीसदी घटने के बाद भी हुआ है। आंकड़ों के अनुसार कंपनी की आय 8 फीसदी गिरकर करीब 15 लाख करोड़ रुपए (216 बिलियन डॉलर) रह गई, जबकि उसका मुनाफा 16 फीसदी गिरकर करीब 4  लाख करोड़ रुपए (60 बिलियन डॉलर) रह गया।
सीईओ पर गिरी गाज
एपल ने आईफोन की बिक्री में गिरावट के बाद बड़ा कदम उठाते हुए सीईओ टिम कुक की सैलरी  में 15 फीसदी कटौती करने का फैसला किया है। हालांकि, वेतन में कटौती के बावजूद कुक को 87 लाख डॉलर (करीब 60 करोड़ रुपए) का पैकेज मिला। यह रकम पिछले साल के 107 मिलियन डॉलर (करीब 70 करोड़ रुपए) से कम है।
कई बड़े अधिकारियों की सैलरी कटी
एपल ने सीईओ कुक के साथ-साथ कुछ बड़े अधिकारियों की सैलरी काटने का मुख्य कारण कंपनी के रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में गिरावट को बताया।
पहली बार गिरी बिक्री
आय और मुनाफा गिरने की मुख्य वजह आइफोन की बिक्री का 2007 में इसके निर्माण शुरू होने के बाद से पहली बार कम होना है।
16 साल में पहली गिरी सालाना आय
 साल 2001 के बाद से पहली बार एपल का सालाना राजस्व भी घट गया। उसी साल एपल के संस्थापक और तत्कालीन सीईओ स्टीव जॉब्स आईपॉड लेकर आए थे। इसी डिजिटल म्यूजिक प्लेयर ने आईफोन और आईपैड के लिए जमीन तैयार की।
आईफोन से आ गई थी नई क्रांति
आईफोन ने मोबाइल कंप्यूटिंग के क्षेत्र में क्रांति ला दी और ऐपल के लिए सबसे ज्यादा कमाई करने वाला डिवाइस बन गया। खास बात यह है कि दुनिया के ज्यादातर स्मार्टफोन के ऐंड्रॉयड आधारित होने के बावजूद आईफोन काफी महंगा पॉप्युलर स्टेटस सिंबल बना रहा।
भारत में जल्द बनने लगेगा आईफोन
ऐपल अपने आईफोन का उत्पादन भारत में ही शुरू करने की तैयारी में जुटी है। कंपनी भारतीय बाजार के लिए बेंगलुरु में अप्रैल 2017 से आईफोन बनाने का काम शुरू करने की योजना बना रही है। ऐपल के लिए ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरर का काम करने वाली ताइवान की कंपनी विस्ट्रॉन ने बेंगलुरु के इंडस्ट्रियल हब कहे जाने वाले पीन्या में आईफोन की मैन्यूफैक्चरिंग के लिए फैसिलिटी सेंटर का काम शुरू कर दिया है। इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक अप्रैल से यहां मैन्यूफैक्चरिंग शुरू हो सकती है।

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