चीफ जस्टिस खेहर ने टीएस ठाकुर का किया समर्थन, पीएम मोदी से की अपील

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नई दिल्‍ली। देश के नए चीफ जस्टिस खेहर ने भी जजों के खाली पदों को लेकर चिंता जताई है। उन्‍होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्‍या काफी कम है। इनसे पहले पूर्व चीफ जस्टिस ठाकुर ने भी ऐसी चिंता जाहिर की थी।

चीफ जस्टिस खेहर

चीफ जस्टिस खेहर ने व्‍यक्‍त की चिंता

चीफ जस्टिस खेहर ने यह साफ कर दिया है कि देश का सर्वोच्च न्यायालय फिलवक्त जजों की कमी से जूझ रहा है। जजों की कमी के चलते कोर्ट के काम ठीक ढ़ंग से नहीं चल पा रहे हैं।

इस समय आठ जजों की कमी है

सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल 8 जजों की कमी है। मुख्य न्यायाधीश के मुताबिक जनवरी के अंतिम सप्ताह तक जजों की कमी दूर कर ली जाएगी। विधि मंत्रालय भी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्तियों की खातिर कालेजियम से नामांकन का इंतजार कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर

चीफ जस्टिस ठाकुर ने भी उठाई थी आवाज

जस्टिस ठाकुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने जजों की कमी को लेकर भावुक हो गए थे और पीएम मोदी से जजों की संख्या बढ़ाने की अपील की थी। जस्टिस ठाकुर ने अपने भावनात्मक भाषण में कहा था कि भारत का एक जज एक साल में 2600 केसों की सुनवाई करता है, इसे पता चलता है कि एक जज के ऊपर कितना दबाव है। जस्टिस ठाकुर ने कहा था कि जजों की कमी की वजह से हाईकोर्ट में 38 लाख से भी ज्यादा केस पेंडिंग है और केस की सुनवाई न हो पाने की वजह से लोग जेल में हैं।

कालेधन पर पीएम मोदी

पीएम मोदी को दिया जवाब

जस्टिस ठाकुर के जजों की संख्या बढ़ाने वाले भावनात्मक भाषण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कोर्ट की छुट्टियों में कटौती की सलाह दी थी जिस पर जस्टिस ठाकुर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था गर्मियों की छुट्टियों के दौरान जज मनाली नहीं जाते हैं, वह संवैधानिक बेंच के फैसलों को लिखते हैं।

केन्द्र से भी ठाकुर ने ली थी टक्कर

जस्टिस ठाकुर तब खबर में आए थे जब जजों की नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर वह सरकार पर बरस पड़े थे। कॉलेजियम ने जजों की नियुक्ति के लिए 75 लोगों की लिस्ट भेजी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। जस्टिस ठाकुर ने केंद्र को चेताते हुए कहा कि कोर्ट को न्यायिक आदेश के जरिए इस गतिरोध को दूर करने पर मजबूर न करें। जस्टिस ठाकुर ने यह भी कहा था कि अगर केंद्र सरकार को कुछ नामों पर आपत्ति है तो उसे वापस भेजें।

खेहर ऐसे बने मुख्य न्यायाधीश

जस्टिस ठाकुर के 3 जनवरी 2017 को रिटायर होने के बाद 4 जनवरी 2017 को जस्टिस खेहर ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली थी। न्यायमूर्ति खेहर को राष्ट्रपति ने देश के 44वें प्रधान न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई थी। न्यायमूर्ति खेहर 27 अगस्त तक इस पद पर रहेंगे। न्यायमूर्ति खेहर 13 सितंबर, 2011 को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए थे।

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